ग्लोबल मार्केट में बढ़ी भारतीय चावल की डिमांड, इंडोनेशिया खरीदेगा 10 लाख टन चावल।
Global Market: ग्लोबल मार्केट में कई सालों से भारतीय चावलों की मांग हमेशा बनी रहती है,विदेशी बाजारों से डिमांड बढ़ रही है,बांग्लादेश में चावल की जरूरत को पूरा करने के लिए भारत को 10 लाख टन चावल भेजने की मंजूरी मिल गई है। इंडोनेशिया ने अपनी चावल जरूरत को पूरा करने के लिए भारत सरकार से खरीदने की पेशकश की थी। बता दे कि भारत सरकार जुलाई 2023 में चावल निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था
जिस कारण चावल ग्लोबल मार्केट में नहीं जा रहा था. लेकिन अक्टूबर 2024 में केंद्र ने विदेशी खरीदारों की मांगों की पूर्ती करने को मंजूरी दे दी है, और एमईपी भी हटा दिया गया हैं, केंद्र के इस फैसले के बाद से विदेशी खरीदारों की ओर से डिमांड बढ़ी है. नवंबर और दिसंबर 2024 में केंद्र ने बांग्लादेश को 50 लाख टन गैर बासमती चावल निर्यात करने की मंजूरी दी थी, अब बीते दिन इंडोनेशिया को चावल निर्यात की मंजूरी दी है।
इंडोनेशिया को 10 लाख टन चावल सप्लाई करेगा भारत
केंद्रीय मंत्रीमंडल ने बुधवार को इंडोनेशिया की मांग अनुसार 10 लाख टन सफेद चावल की निर्यात को मंजूरी दे दी है, बता दे कि राष्ट्रीय सहकारी निर्यात (NCEL) के जरिए इंडोनेशिया को 10 लाख टन गैर बासमती सफेद चावल निर्यात किया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंडोनेशिया सरकार की एजेंसी बुलोग की ओर से भारत की अधिसूचित एजेंसी एनसीईएल के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.
निर्यात बैन से बढ़ी कीमतें
भारत चावल के मामले में सबसे बड़ा निर्यातक है और वैश्विक आपूर्ति में सर्वाधिक 40 फीसदी हिस्सेदारी है, दरअसल अक्टूबर में भारतीय चावल के निर्यात पर प्रतिबंध हटने के बाद यहां से भरपूर मात्रा में चावल विदेशी बाजारों में पहुंचने से अक्टूबर में वैश्विक स्तर पर कीमतों में 15 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई थी,हालांकि, नवंबर में वैश्विक बाजार में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी।
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